आज हम देखते है की कोई भी फिल्म रिलीज़ होने से पूर्व विरोध की सुर्ख़ियों में आजाती हैं | इसमें सबसे बड़ा नाम संजय भंसाली की फिल्म “पद्मावत” का हैं , और बड़ा नाम इसलिए क्यूँकी राजपूत समाज और करणी सेना (Karni Sena) ने इसका बहुत विरोध किया था | ऐसे ही जोधा अकबर , वीर और कई फिल्मे विरोध झेल चूँकि हैं |Karni Sena

आइये जानते हैं की आखिर क्यूँ राजपूत समाज और करणी सेना (Karni Sena) फिल्मो का विरोध करते है |Karni Sena
सबसे पहले तो आप जानले कि करणी सेना (Karni Sena) फिल्मो का विरोध ऐसे ही नही करती | जिस समाज ने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करदिया वो समाज आखिर क्यों 2 3 घंटे की फिल्म का विरोध करेगा क्यूँ?
कारण है फिल्म निर्माताओं द्वारा उनकी भावनाओ को ठेस पहुँचाना | जी बिल्कुल सत्य पढ़ा आपने फिल्म निर्माता आजके समय इतिहास पर बनी फिल्मो पर काम करने लगे हैं और उसे मसालेदार बनाने के लिए तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करते हैं |
फिल्म निर्माताओ को यह हक़ किसने दिया कि वो किसी जाती विशेष पर अपनी फिल्म बिना उनके वंशजो के अनुमति के बनाये और उसमे तोड़ मरोड़ करे ! और यदि उन्हें काल्पनिक फिल्म बनानी है तो उन्हें इतिहास के वीरो से क्यों जोड़ा जाता हैं |
दरअसल फिल्म वालो का ये पैंतरा होगया है की इतिहास जिसमे कुछ विवाद हो उसपर फिल्म बनाये और जब विरोध हो तो उन्हें Freeकी Popular पब्लिसिटी मिल जाए |
अब इन लोगो को कौन समजाये कि फिल्म बनाना और इतिहास बनाना दोनों में धरती और सूरज जितना फर्क हैं |
राजपूतो ने अपना इतिहास तलवार की नोक और रक्त की स्याही से लिखा हैं और कुछ चंद पैसो के लिए ये लोग इस हद तक गिर जाते हैं |
कहाँ हुई इतिहास से छेड़छाड़ –
तो सबसे पहले हम जोधा अकबर नामक फिल्म को लेते हैं , अब आप बताये की किस इतिहास में जोधा बाई नामक स्त्री अकबर से सम्बन्धित थी ? इतिहास में कही भी लिखित नही
अगर हम एक बात स्वीकार करे तो भी जोधा बाई शब्द जोधपूर से सम्बन्धित प्रतीत होता है पर उस स्त्री को जयपुर राजघराने से बताकर ये जूठा इतिहास खुद ही जूठ साबित होरहा हैं ||
अकबर की जिस बीवी को जोधा बताकर इन्होने इतिहास का मजाक बनाया उसके मकबरे को कौन सम्भाल रहा है ? ये उसके राजपूत होने पर खुल्ला प्रश्नचिंह खड़ा करता है |करणी सेना (Karni Sena)
काल्पनिक पात्र जोधा बाई को सीरियल और फिल्म के माध्यम से इतना जोड़ा गया की आज की पीढ़ी उसके नाम से खुद को परिचय देने में पीछे नही हटती|

पद्मावत फिल्म में इतिहास की जो धज्जियां उड़ाई गयी फिर भी उन्हें लगता है कि इतिहास सही हैं |
पहली बात राणी पदमिनी कभी दिल्ली नही गयी , और चित्तौड़ और दिल्ली की लड़ाई के बारे में अलग अलग इतिहास है |
चित्तौड़ ने खिलजी को हराने में सिरोही के साथ मिलकर उसे भगाया था , साथ ही खिलजी के दक्षिण और गुजरात मार्ग के लिए चित्तौड़ महत्वपूर्ण था |
पद्मावत मलिक मोहम्मद जायसी द्वारा कृत एक काल्पनिक कहानी हैं जिसे फिल्म वालो ने इतिहास से जोडकर फिर राजपूतो को बदनाम करने की कोशिश की और एक आक्रान्ता को हीरो की तरह प्रस्तुत किया गया |
महाराणा प्रताप पर फिल्म क्यों नही –
आखिर क्यों फ़िल्मी लोग महाराणा प्रताप, महाराणा सांगा, महाराणा कुम्भा, राव बिका,राव जोधा, राव लुनकर्ण,राव जोधा,राव चन्द्रसेन,राव सुरताण,कल्लाजी राठौड़ आदि ऐसे वीरो पर फिल्म क्यों नही बनाते ?
कारण हैं इनका इतिहास पूरी तरह साफ़ हैं और अगर इनपे फिल्म बने गयी तो उन्हें विरोध और मसाले जैसी कोई चीज नही मिलेगी और इनको कमाई नही होगी |
वीर फिल्म , जोधा अकबर , पद्मावत और अब पृथ्वीराज दरअसल ये फिल्म इसलिए बने गयी क्यूँकी इनके इतिहास में आज भी विवाद है और इसी का फायदा फ़िल्मी लोग उठाना चाहते हैं |
फिर भी अगर फिल्म बनाना जरूरी है तो इन्हें इन वीरो के वंशजो से मिलकर उन्हें साथ लेकर फिल्म बनानी चाहिए अन्यथा इनका कोई अधिकार नही के इन वीरो के इतिहास को खंडित करें |
पुरानी फिल्मो में ठाकुर को गद्दार बताकर और ब्राह्मण को लूटेरा बताकर जातीय विष घोला गया और आज उसका परिणाम है भारत में जातीय द्वेष का बढना |करणी सेना (Karni Sena)
अगर राजपूत समाज इतना ही गलत होता तो राजकुमार जब इलेक्शन में खड़े हुए तब सामने वाली पार्टियों की जमानत जब्त करदी थी , वो कैसे ? मतलब साफ़ है राजपूत समाज का किसी भी जाती से घृणा या द्वेष नही था पर इन फिल्मी लोगो ने अपने मनोरंजन के नाम पर झल घोला और आज खून से लिखे इतिहास को दूषित करने का कार्य किया जारहा हैं |
सेंसर बोर्ड –
फ़िल्मी लोग और कुछ तथाकथित पढ़े लोग कहते हैं की फिर सेंसर बोर्ड किस काम का तो उन महान लोगो को यह जानना चाहिए की सेंसर बोर्ड इतिहास को चेक करने का कार्य नही करता | राजपूत समाज और करणी सेना (Karni Sena) एक इतिहास की कमेटी बनाने की मांग करते है जो की पूर्णतः जायज है , साथ ही उस ऐतेहासिक पात्र से के वंशजो का कमेटी में शामिल होना ये भी जरूरी हैं |
इन बातो से साफ़ साफ़ पता चलता है की किस प्रकार दुनिया के सामने समाज को भ्रमित किया जाता है और समाज बार बार सहन करता हैं फिर भी news के माध्यम से राजपूत समाज निंदा का पात्र बनाया जाता हैं |करणी सेना (Karni Sena)
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